परिचय: फौजा सिंह की दुखद मौत

14 जुलाई 2025 को दुनिया ने 114 वर्षीय मैराथन दिग्गज फौजा सिंह को खो दिया, जिन्हें “पगड़ीधारी तूफान” के नाम से जाना जाता था। पंजाब के जालंधर-पठानकोट हाईवे पर वह एक हिट-एंड-रन दुर्घटना में मारे गए। इस घटना में आरोपी 26 वर्षीय अप्रवासी भारतीय (NRI) अमृतपाल सिंह ढिल्लों को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह लेख अमृतपाल सिंह ढिल्लों की पृष्ठभूमि, घटना की परिस्थितियों और जांच के बारे में जानकारी देता है, जिसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया।

अमृतपाल सिंह ढिल्लों कौन हैं?

पृष्ठभूमि और व्यक्तिगत जीवन
अमृतपाल सिंह ढिल्लों, 26 वर्षीय NRI, पंजाब के जालंधर जिले के करतारपुर के दासुपुर गांव से हैं। वह पिछले आठ वर्षों से कनाडा में अपनी मां और तीन बहनों के साथ रह रहे थे और वहां मजदूरी करते थे। हिट-एंड-रन मामले ने उनके सामान्य जीवन को सुर्खियों में ला दिया है।

  • आयु: 26 वर्ष
  • गृहनगर: दासुपुर गांव, करतारपुर, जालंधर
  • वर्तमान निवास: कनाडा
  • पेशा: मजदूर
  • परिवार: मां और तीन बहनों के साथ कनाडा में

कनाडा में जीवन
पिता की मृत्यु के बाद अमृतपाल सिंह ढिल्लों टूरिस्ट वीजा पर कनाडा गए थे, जहां बाद में उन्हें 2027 तक का वर्क परमिट मिला। 23 जून 2025 को वह भारत लौटे थे। कनाडा में वह मेहनत-मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते रहे।


हिट-एंड-रन हादसा: क्या हुआ था उस दिन?

दुर्घटना का विवरण
14 जुलाई 2025 को फौजा सिंह अपने गांव बेअस के पास जालंधर-पठानकोट हाईवे पर टहल रहे थे। उसी समय तेज रफ्तार सफेद टोयोटा फॉर्च्यूनर (नंबर PB 20C 7100) ने उन्हें टक्कर मार दी। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण अस्पताल में उनकी मौत हो गई। आरोपी चालक अमृतपाल सिंह ढिल्लों मौके से भाग गया।

पुलिस जांच और गिरफ्तारी
पंजाब पुलिस ने 30 घंटे के अंदर मामला सुलझा लिया। घटनास्थल से टूटा हेडलाइट, बम्पर और CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने गाड़ी को ट्रेस किया। पता चला कि यह गाड़ी पहले वरिंदर सिंह (कपूरथला) की थी, जिन्होंने दो साल पहले इसे ढिल्लों को बेचा था। ढिल्लों को 15 जुलाई 2025 को उनके गांव से गिरफ्तार किया गया।

  • गिरफ्तारी की तारीख: 15 जुलाई 2025
  • वाहन: टोयोटा फॉर्च्यूनर (PB 20C 7100)
  • धाराएं: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 (लापरवाही से गाड़ी चलाना) और 105 (गैर इरादतन हत्या)

अमृतपाल सिंह ढिल्लों का कबूलनामा

घटना की स्थिति
पुलिस पूछताछ में ढिल्लों ने स्वीकार किया कि हादसे के समय वही गाड़ी चला रहे थे। उन्होंने बताया कि वह भोगपुर से किशनगढ़ जा रहे थे और फोन बेचने के बाद लौट रहे थे। उन्हें यह पता नहीं था कि पीड़ित फौजा सिंह हैं। डर के कारण वह मौके से भाग गए।

पुलिस का बयान
एसएसपी हरविंदर सिंह विरक ने कहा कि ढिल्लों को रुककर मदद करनी चाहिए थी, लेकिन वह भाग गए, जिससे मामला गंभीर हो गया। यह केस लापरवाही से गाड़ी चलाने और मदद न करने के दुष्परिणामों को उजागर करता है।


फौजा सिंह: एक वैश्विक प्रेरणा

“पगड़ीधारी तूफान” की विरासत
1 अप्रैल 1911 को बेअस पिंड, जालंधर में जन्मे फौजा सिंह ने 89 साल की उम्र में मैराथन दौड़ना शुरू किया था। 100 की उम्र के बाद भी उन्होंने 9 मैराथन पूरी कीं और एक ही दिन में आठ विश्व आयु वर्ग रिकॉर्ड बनाए। उनकी प्रेरणादायक यात्रा ने दुनिया को फिटनेस, दृढ़ता और हौसले का संदेश दिया।

  • जन्म: 1 अप्रैल 1911
  • उपलब्धियां: 100 की उम्र के बाद 9 मैराथन, एक दिन में 8 विश्व रिकॉर्ड
  • विरासत: फिटनेस, हौसले और समर्पण का प्रतीक

नेताओं की श्रद्धांजलि
फौजा सिंह की मौत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें फिटनेस की प्रेरणा बताया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उनकी अद्भुत जीवटता की प्रशंसा की।


परिवार की प्रतिक्रिया

फौजा सिंह के बेटे का बयान
फौजा सिंह के छोटे बेटे हरविंदर सिंह ने कहा कि उनके पिता 14 जुलाई को दोपहर 3 बजे रोजाना की तरह टहलने निकले थे। अगर ढिल्लों ने मदद की होती तो शायद जान बच सकती थी। उन्होंने कहा कि परिवार को व्यक्तिगत रूप से कोई बैर नहीं है, बस ढिल्लों को इंसानियत दिखानी चाहिए थी।


कानूनी प्रक्रिया और भविष्य के प्रभाव

FIR दर्ज
अदम्पुर पुलिस स्टेशन में अमृतपाल सिंह ढिल्लों के खिलाफ BNS धारा 281 और 105 के तहत FIR दर्ज है। 16 जुलाई 2025 को उन्हें अदालत में पेश किया गया। उम्मीद है कि पुलिस रिमांड मिलेगी।

व्यापक प्रभाव
यह घटना भारत में सड़क सुरक्षा पर बहस को हवा दे रही है। लोग सख्त कानून, बेहतर सड़कें और जागरूकता की मांग कर रहे हैं। यह मामला लापरवाह ड्राइविंग के दुष्परिणाम और जवाबदेही की अहमियत को दर्शाता है।