परिचय: SSC की विश्वसनीयता पर सवाल

SSC परीक्षा एक बार फिर विवादों में घिर गई है, जहां अभ्यर्थियों ने तकनीकी खामियों और अव्यवस्था को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। देशभर के परीक्षा केंद्रों पर सर्वर डाउन, लॉगिन फेल और समय पर परीक्षा शुरू न होने जैसी समस्याएं देखी गईं। सोशल मीडिया पर छात्रों ने #SSC_Reform और #JusticeForAspirants जैसे हैशटैग के साथ अपनी नाराजगी जाहिर की। कई केंद्रों पर तो परीक्षार्थियों को घंटों इंतजार के बाद यह बताया गया कि परीक्षा रद्द कर दी गई है। नए वेंडर एडुक्विटी की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, जिससे छात्रों का आयोग पर भरोसा डगमगाता नजर आ रहा है। अभ्यर्थी निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

SSC परीक्षा घोटाला: क्या है विवाद का मूल?

नया वेंडर और तकनीकी असफलताएं

2025 में स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) की चयन प्रक्रिया में भारी अनियमितताओं ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। SSC ने इस साल अपनी चयन पोस्ट फेज 13 परीक्षा (24 जुलाई से 1 अगस्त 2025) और अन्य परीक्षाओं के लिए नया वेंडर, एडुक्विटी करियर टेक्नोलॉजीज, नियुक्त किया। इस निर्णय ने SSC परीक्षा घोटाला को जन्म दिया, क्योंकि अभ्यर्थियों ने कई गंभीर समस्याओं की शिकायत की, जैसे:

  • अचानक परीक्षा रद्दीकरण: कई केंद्रों पर बिना पूर्व सूचना के परीक्षाएं रद्द कर दी गईं।
  • तकनीकी खराबी: सर्वर क्रैश, माउस और कीबोर्ड की खराबी, और स्क्रीन ब्लैकआउट।
  • दूरस्थ केंद्र आवंटन: अभ्यर्थियों को उनके निवास से सैकड़ों किलोमीटर दूर केंद्र दिए गए, जैसे जयपुर के छात्रों को अंडमान भेजा गया।
  • बायोमेट्रिक सत्यापन में विफलता: आधार सत्यापन प्रक्रिया में त्रुटियों के कारण कई अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित रहे।
  • केंद्रों पर दुर्व्यवहार: सुरक्षा कर्मियों और कर्मचारियों द्वारा अभ्यर्थियों के साथ बदतमीजी की घटनाएं।

इन समस्याओं ने SSC परीक्षा घोटाला को और गहरा किया, जिससे अभ्यर्थियों का गुस्सा भड़क उठा।

आज की SSC स्टेनोग्राफर परीक्षा और नई शिकायतें

SSC के कैलेंडर के अनुसार, 6 अगस्त 2025 को SSC स्टेनोग्राफर ग्रेड C और D परीक्षा 2025 का आयोजन हुआ। इस परीक्षा में भी SSC परीक्षा घोटाला की छाया दिखी, जिसमें निम्नलिखित समस्याएं सामने आईं:

  • पाठ्यक्रम से बाहर के प्रश्न: गणित के सवाल पूछे गए, जो पाठ्यक्रम में शामिल नहीं थे।
  • प्रश्नों में त्रुटियां: कई प्रश्नों में चौथा विकल्प गायब था।
  • अनुचित प्रबंधन: कुछ केंद्रों पर अभ्यर्थी ही इन्विजिलेटर की भूमिका में थे, जो परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है।

इन गड़बड़ियों ने SSC परीक्षा घोटाला को और उजागर किया, जिससे अभ्यर्थियों का विश्वास डगमगा गया है।

SSC परीक्षा घोटाला: एडुक्विटी का विवादास्पद रिकॉर्ड

एडुक्विटी की कथित अक्षमता

SSC द्वारा चुने गए नए वेंडर, एडुक्विटी, पर पहले से ही शिक्षा मंत्रालय द्वारा ब्लैकलिस्ट होने का आरोप है। इसका संबंध व्यापम घोटाले जैसे कुख्यात मामलों से जोड़ा जाता है, जिसमें भ्रष्टाचार और नकल के गंभीर आरोप शामिल थे। इसके बावजूद, SSC ने इसे 2025 की परीक्षाओं के लिए चुना, जिसने SSC परीक्षा घोटाला को बढ़ावा दिया। अभ्यर्थियों का कहना है कि एडुक्विटी की तकनीकी और प्रशासनिक अक्षमता ने छोटे पैमाने की परीक्षाओं में भी विफलता दिखाई, जिससे SSC CGL जैसी बड़ी परीक्षाओं की विश्वसनीयता खतरे में है।

अभ्यर्थियों की मांगें

SSC परीक्षा घोटाला के खिलाफ विरोध कर रहे अभ्यर्थियों ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  • एडुक्विटी का ठेका रद्द करना: ब्लैकलिस्टेड कंपनी को तत्काल हटाने की मांग।
  • स्वतंत्र जांच: SSC के वेंडर चयन और परीक्षा प्रबंधन की निष्पक्ष जांच।
  • पारदर्शी प्रक्रिया: केंद्र आवंटन, प्रवेश पत्र, और तकनीकी ढांचे में सुधार।
  • मुआवजा: रद्द परीक्षाओं के कारण हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई।
  • परीक्षा सुधार: भविष्य में SSC परीक्षा घोटाला को रोकने के लिए मजबूत कदम।

विरोध प्रदर्शन: सड़कों से सोशल मीडिया तक

दिल्ली में “दिल्ली चलो” आंदोलन

1 अगस्त 2025 से शुरू हुए “दिल्ली चलो” आंदोलन में हजारों अभ्यर्थी और शिक्षक, जैसे नीतू मैम और रोनक खत्री, जंतर मंतर और DoPT कार्यालय के बाहर एकत्र हुए। SSC परीक्षा घोटाला के खिलाफ नारे लगाए गए और सुधार की मांग की गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और हिरासत का सहारा लिया, जिसने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया।

सोशल मीडिया पर #SSCपरीक्षाघोटाला

सोशल मीडिया पर #SSCपरीक्षाघोटाला, #SSCSystemSudharo, और #JusticeForAspirants जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने अपनी कहानियां साझा कीं, जिसमें वित्तीय नुकसान, मानसिक तनाव, और SSC परीक्षा घोटाला के कारण खोए अवसरों का जिक्र है। ये अभियान इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

SSC की प्रतिक्रिया और भविष्य की चुनौतियां

SSC चेयरमैन का जवाब

SSC चेयरमैन एस. गोपालकृष्णन ने स्वीकार किया कि नई एजेंसी के साथ पहली बार काम करने के कारण कुछ तकनीकी और प्रशासनिक समस्याएं सामने आईं। उन्होंने दावा किया कि हाल के दिनों में सुधार देखा गया है और SSC परीक्षा घोटाला को कम करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, अभ्यर्थियों का मानना है कि ये केवल खोखले वादे हैं, और ठोस समाधान की कमी है।

SSC CGL 2025 पर नजरें

13 अगस्त 2025 से शुरू होने वाली SSC CGL परीक्षा, जिसमें 30 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे, SSC की साख के लिए एक बड़ी परीक्षा है। यदि SSC परीक्षा घोटाला को तुरंत नहीं संबोधित किया गया, तो विरोध प्रदर्शन और तेज हो सकते हैं।