
अमेरिका-भारत व्यापार में बड़ा झटका: 50% टैरिफ और अब सेकेंडरी सैंक्शन्स की चेतावनी!
6 अगस्त 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर कुल 50% टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने का ऐलान किया, जिसमें 25% पहले ही लगाया जा चुका था और बाकी 25% अगले 21 दिनों में लागू होगा। इस बड़े फैसले के पीछे भारत का रूस से कच्चा तेल खरीदना अहम कारण बताया गया है। ट्रंप ने प्रेस वार्ता में कहा:
“अभी तो 8 घंटे ही हुए हैं, सेकेंडरी टैरिफ लगना बाकी है… बहुत सारी सेकेंडरी सैंक्शन्स आने वाली हैं।”

क्यों लगाया गया 50% टैरिफ?
- ट्रंप सरकार का दावा है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के माहौल में भारत द्वारा रूस से तेल खरीदना ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ के लिए खतरा है।
- अन्य देश भी रूस से ऊर्जा खरीद रहे हैं, लेकिन भारत पर सबसे ज्यादा निशाना साधा गया है।
किन उत्पादों पर पड़ेगा असर?
- टेक्सटाइल, रत्न-आभूषण, ऑटो पार्ट्स, सीफूड आदि भारतीय वस्तुओं पर नया टैरिफ लागू होगा।
- फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स अभी भी छूट में हैं।
- इससे भारतीय एक्सपोर्ट अमेरिकी मार्केट में 40-50% तक महंगे हो सकते हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा पर सीधा असर पड़ेगा।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए उसे “अनुचित, अन्यायपूर्ण और तर्कहीन” बताया और कहा कि ऊर्जा सुरक्षा के लिए रूस से तेल खरीदना भारत की राष्ट्रीय आवश्यकता है।
आर्थिक और राजनीतिक असर
- विपक्षी दलों और व्यापार विशेषज्ञों ने इस फैसले को ‘आर्थिक ब्लैकमेलिंग’ बताया।
- भारत अब अमेरिका के उच्चतम टैक्स वाले व्यापारिक साझेदारों में शामिल हो गया है।
- भारत-अमेरिका व्यापार समाचार
आगे क्या?
ट्रंप के “सेकेंडरी सैंक्शन्स” वाले बयान से साफ है कि आने वाले समय में भारत के खिलाफ और कड़े आर्थिक प्रतिबंध लग सकते हैं। भारत की तरफ से भी जवाबी कदमों पर मंथन शुरू हो गया है।
निष्कर्ष
- भारत पर अमेरिकी टैरिफ और सेकेंडरी सैंक्शन्स आने वाले समय में भारत-अमेरिका व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
- व्यापारियों, एक्सपोर्टर्स और नीति-नियंताओं को सतर्क रहना होगा।
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