
अमेरिका द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ पर पीएम मोदी का दो टूक जवाब — “किसानों के हितों पर कोई समझौता नहीं!”
अमेरिका ने भारत पर 50% भारी टैरिफ क्यों लगाया?
2025 में अमेरिका ने भारत से आने वाले कुछ उत्पादों पर कुल 50% टैरिफ लगाया है। इसमें पहले से लागू 25% के अतिरिक्त 25% और जोड़ा गया है।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कदम भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने के चलते उठाया गया है, जिसे उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।
ट्रंप ने कहा है कि यह केवल शुरुआत है और सेकेंडरी सैंक्शन्स भी लगाए जा सकते हैं।
मोदी का स्पष्ट संदेश: “किसानों के हित सर्वोपरि”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एमएस स्वामीनाथन सेंचुरी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अपने भाषण के दौरान कहा:
“हम अपने किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों के हितों से कभी पीछे नहीं हटेंगे। चाहे इसके लिए कोई भी कीमत चुकानी पड़े।”
यह बयान यह साबित करता है कि भारत राष्ट्रीय संप्रभुता और कृषि अर्थव्यवस्था से कोई समझौता नहीं करेगा।
किन क्षेत्रों पर पड़ेगा असर
- कृषि उत्पाद: गेहूं, चावल, मसाले
- सीफूड इंडस्ट्री: झींगा, मछली
- डेयरी उत्पाद: दूध, पनीर, दही
- टेक्सटाइल और जेम्स-ज्वेलरी सेक्टर
अमेरिकी बाजार में इनकी कीमतें 30–50% तक महंगी हो जाएंगी, जिससे मांग में गिरावट और आय में नुकसान संभावित है।
भारत की रणनीति: “हम दबाव में नहीं झुकेंगे”
भारत सरकार ने अमेरिकी टैरिफ को “अनुचित और एकतरफा” करार दिया है। विदेश मंत्रालय ने दो टूक कहा:
- राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हैं
- तेल खरीद पर कोई रोक नहीं लगेगी
- कृषि व डेयरी बाजार विदेशी दबाव में नहीं खोले जाएंगे
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता फिलहाल स्थगित हो गई है।
भारत-अमेरिका व्यापार और आर्थिक असर
- 87 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार पर खतरा
- भारतीय जीडीपी पर 1% तक का असर
- हज़ारों नौकरियाँ प्रभावित हो सकती हैं
- भारतीय कंपनियाँ अब वियतनाम, बांग्लादेश जैसे नए बाज़ार तलाश रही हैं
राजनीतिक स्तर पर भी यह मुद्दा गरमाया है — विपक्ष ने इसे आर्थिक ब्लैकमेलिंग कहा है।
भारत की आगे की रणनीतियाँ: अमेरिका के 50% टैरिफ पर No Compromise
सरकार इन विकल्पों पर विचार कर रही है:
- अमेरिका के साथ फिर से बातचीत
- वैकल्पिक बाज़ारों में निर्यात
- WTO के जरिए अमेरिका के खिलाफ अपील
- जवाबी टैरिफ लगाने की योजना
अधिक जानकारी के लिए
- विदेश मंत्रालय: MEA.gov.in
- वाणिज्य मंत्रालय: commerce.gov.in
- India Sandesh24 व्यापार समाचार: India Sandesh24








