भारत की स्वतंत्रता की यात्रा

भारत ने आज, 15 अगस्त 2025 को अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह और गर्व के साथ मनाया। 1947 में ब्रिटिश शासन से मुक्ति के बाद से यह दिन राष्ट्रीय एकता और गौरव का प्रतीक रहा है। आज सुबह 7:30 बजे, लाल किले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरंगा फहराया, जिसके साथ 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) द्वारा 105 मिमी स्वदेशी लाइट फील्ड गन के साथ 21 तोपों की सलामी दी गई। यह समारोह राष्ट्रीय गान के साथ समन्वित था, जिसने देशवासियों में जोश भर दिया। हालांकि, आर्थिक असमानता और बेरोजगारी जैसी चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं, लेकिन भारत ने तकनीकी प्रगति और स्टार्टअप संस्कृति में सकारात्मक कदम उठाए हैं, जो विश्व पटल पर उसकी स्थिति को मजबूत कर रहे हैं।

79वां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, प्रधानमंत्री ने लाल किले से राष्ट्र को संबोधित किया और देश की उपलब्धियों के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। यह परंपरा जवाहरलाल नेहरू से चली आ रही है, और आज लाखों लोग इस उत्सव में शामिल हुए। लेकिन सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौतियां देश को प्रभावित कर रही हैं, जबकि डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहल सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत का स्वतंत्रता संग्राम एक लंबी और कठिन यात्रा थी। महात्मा गांधी, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं ने अपने बलिदान से आजादी संभव की। 79वां स्वतंत्रता दिवस ने हमें याद दिलाया कि यह आजादी अनगिनत बलिदानों का परिणाम है। सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन ने देश को एकजुट किया, लेकिन विभाजन की त्रासदी ने लाखों लोगों को प्रभावित किया। फिर भी, इस दिन ने एकता और विविधता की ताकत को रेखांकित किया।

आज सुबह 7:30 बजे लाल किले पर तिरंगा फहराने के बाद, भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं, जिसने समारोह में भव्यता जोड़ी। स्कूलों और कॉलेजों में देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां बच्चों ने गीत गाए और नाटक प्रस्तुत किए। लेकिन जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण जैसी वैश्विक चुनौतियां बरकरार हैं, जबकि नवीकरणीय ऊर्जा में भारत का निवेश सकारात्मक प्रगति दर्शाता है।

प्रमुख घटनाएं और महत्व

79वां स्वतंत्रता दिवस का थीम “विकसित भारत” रहा, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रयासों पर केंद्रित था। लाल किले पर झंडारोहण और 21 तोपों की सलामी के साथ परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम मुख्य आकर्षण रहे। हालांकि, महंगाई और गरीबी अभी भी लाखों परिवारों को प्रभावित कर रही हैं, लेकिन डिजिटल इंडिया और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं ने उल्लेखनीय बदलाव लाए हैं।

79वां स्वतंत्रता दिवस ने महिलाओं की भूमिका को भी रेखांकित किया। सरोजिनी नायडू और लक्ष्मी सहगल जैसी महिलाओं ने स्वतंत्रता संग्राम में योगदान दिया। आज महिलाओं के सशक्तिकरण में प्रगति हुई है, लेकिन लिंग असमानता अभी भी एक चुनौती है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान ने सकारात्मक प्रभाव डाला है।

राष्ट्रपति का संबोधन: ऑपरेशन सिंदूर – आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक जीत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ भारत की ऐतिहासिक जीत के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए क्रूर आतंकी हमले, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई, ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस कायरतापूर्ण और अमानवीय हमले का जवाब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से फौलादी संकल्प के साथ दिया। राष्ट्रपति ने इस ऑपरेशन को मानवता की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक मिसाल बताया, जो इतिहास में दर्ज होगा। उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों की रणनीतिक स्पष्टता और तकनीकी दक्षता की सराहना की, जिन्होंने 6-7 मई की रात केवल 25 मिनट में पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि यह ऑपरेशन आत्मनिर्भर भारत मिशन का प्रमाण है, जिसने स्वदेशी रक्षा उपकरणों की ताकत को सिद्ध किया। उन्होंने देश की एकता को सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि यह एकजुटता उन ताकतों के लिए करारा जवाब है जो भारत को विभाजित करना चाहती हैं। विश्व समुदाय ने भारत के इस दृढ़ रुख का समर्थन किया, और केवल तीन देशों ने पाकिस्तान का साथ दिया। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि भारत आक्रामक नहीं होगा, लेकिन अपनी सुरक्षा के लिए निर्णायक कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को मजबूत किया, जिससे आतंकवादियों और उनके प्रायोजकों को कड़ा संदेश दिया गया।

वर्तमान चुनौतियां और उपलब्धियां

79वां स्वतंत्रता दिवस ने देश की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डाला। कोविड-19 के बाद की आर्थिक चुनौतियां और मंदी अभी भी मौजूद हैं, लेकिन भारत की जीडीपी वृद्धि विश्व में सबसे तेज रही, जो आशा की किरण है।

आर्थिक दृष्टिकोण

आज 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाते हुए, भारत की अर्थव्यवस्था ने स्टॉक मार्केट में उछाल दर्ज किया। लेकिन किसानों की समस्याएं, जैसे न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और कर्ज, अनसुलझी हैं। सकारात्मक रूप से, स्टार्टअप इकोसिस्टम ने कई यूनिकॉर्न कंपनियां पैदा कीं, जो युवाओं को अवसर प्रदान कर रही हैं।

79वां स्वतंत्रता दिवस पर, सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की नई नीतियां घोषित कीं। लेकिन जल संकट और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में चुनौतियां बनी हुई हैं, जबकि स्वच्छ भारत मिशन ने स्वच्छता में सुधार किया।

सामाजिक मुद्दे

सामाजिक रूप से, 79वां स्वतंत्रता दिवस ने जातिवाद और धार्मिक असहिष्णुता की समस्याओं को उजागर किया। हाल की कुछ घटनाएं एकता को चुनौती दे रही हैं। फिर भी, आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कीं।

79वां स्वतंत्रता दिवस पर, युवाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता फैलाई, लेकिन साइबर क्राइम और फेक न्यूज एक समस्या बने हुए हैं। डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों ने सकारात्मक बदलाव लाए।

तकनीकी प्रगति

तकनीकी क्षेत्र में, भारत ने इस वर्ष भारतीय वायुसेना के पायलट शुभांशु शुक्ला ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर जाने वाले पहले भारतीय उपग्रहयात्री के रूप में इतिहास रचा। विज्ञान के क्षेत्र में, ‘मत्स्य 6000’ सबमर्सिबल ने 5,000 मीटर से अधिक गहराई में सफल गोताखोरी कर भारत की समुद्री खोज क्षमता को नई ऊँचाई दी। खेल जगत में, अहमदाबाद ने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए मजबूत दावेदारी पेश की। सांस्कृतिक और औद्योगिक क्षेत्र में, भारतीय पैकेजिंग उद्योग ने WorldStar Awards 2025 में शीर्ष तीन स्थान हासिल कर विश्वभर में अपनी पहचान मजबूत की, जबकि चेरापूंजी के वर्षा जल से निर्मित भारतीय जिन ने अमेरिका के SIP Awards 2025 में डबल गोल्ड जीतकर सतत उत्पादन का उदाहरण प्रस्तुत किया। इसके साथ ही, मुंबई में आयोजित WAVES 2025 ने भारत को वैश्विक मनोरंजन और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित किया। 79वां स्वतंत्रता दिवस ने स्पेस टेक्नोलॉजी में प्रगति पर गर्व करने का अवसर दिया। लेकिन साइबर सुरक्षा की चुनौतियां बढ़ी हैं, जबकि 5जी नेटवर्क का विस्तार सकारात्मक कदम है।

पर्यावरण और सस्टेनेबिलिटी

79वां स्वतंत्रता दिवस ने जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को रेखांकित किया। बाढ़ और सूखा नियमित हो गए हैं, लेकिन पेरिस समझौते के तहत भारत के प्रयास सराहनीय रहे।

भविष्य की दिशा

79वां स्वतंत्रता दिवस ने भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में प्रेरित किया। शिक्षा सुधार, स्वास्थ्य सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास महत्वपूर्ण हैं। भ्रष्टाचार एक बाधा बना हुआ है, लेकिन डिजिटल गवर्नेंस ने पारदर्शिता बढ़ाई।

शिक्षा और युवा

नई शिक्षा नीति ने बदलाव लाए। 79वां स्वतंत्रता दिवस पर, कौशल विकास पर जोर दिया गया। बेरोजगारी एक नकारात्मक पहलू है, लेकिन स्किल इंडिया मिशन ने लाखों को प्रशिक्षित किया।

स्वास्थ्य और कल्याण

स्वास्थ्य क्षेत्र में, कोविड वैक्सीनेशन एक बड़ी सफलता थी। लेकिन मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे बढ़े हैं, जबकि योग और आयुर्वेद का प्रचार सकारात्मक रहा।

सांस्कृतिक विरासत

भारत की सांस्कृतिक विविधता 79वां स्वतंत्रता दिवस का मुख्य आकर्षण रही। त्योहार, नृत्य और संगीत ने देश को एकजुट किया। वैश्वीकरण ने सांस्कृतिक क्षरण का खतरा पैदा किया, लेकिन यूनेस्को साइट्स की रक्षा सकारात्मक कदम है।

उत्सव के तरीके

79वां स्वतंत्रता दिवस पर, घरों में तिरंगा फहराया गया। स्कूलों में प्रतियोगिताएं हुईं और शाम को आतिशबाजी का प्रदर्शन हुआ। प्रदूषण के कारण, इको-फ्रेंडली उत्सव को प्रोत्साहित किया गया।

परिवारिक उत्सव

परिवारों ने देशभक्ति फिल्में देखीं। व्यस्त जीवनशैली ने पारंपरिक उत्सवों को प्रभावित किया, लेकिन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स ने नई परंपराएं शुरू कीं।

निष्कर्ष

79वां स्वतंत्रता दिवस ने हमें अतीत से सीखने और भविष्य की ओर बढ़ने का अवसर दिया। चुनौतियां हैं, लेकिन उपलब्धियां भी कम नहीं। आइए, हम सब मिलकर एक मजबूत भारत बनाएं।